सवाल_बद मजहब, फिरके_से

 ♦️सवाल_बद मजहब, फिरके_से 👇👇♦️

🔸Najdi,wahabde,

devbandre तुम ही इस्लाम में फसाद की जड़ हो चाहे वो इब्ने तौमिया हो या अब्दुल वहाब नज़दी या अशरफ अली थानवी हो या रशीद अहमद गंगोही

तुम ही लोगो ने हुजूर की शान में गुस्ताखियां की तभी तो इख़्तिलाफ़ हुवा

▪️तुमलोग  कुछ सवालों के जवाब दो👇👇▪️ 

👉 बाताओ किस सहाबा का अक़ीदा था नबी का मिलाद  ईसाई कल्चर है 

👉बाताओ किस सहाबा का अक़ीदा था नमाज में नबी सल्लल्लाहु अलेही वस्सलम का ख्याल आ जाए तो नमाज़ हराम है 

👉बताओ किस सहाबा ने सफर ए मेराज को इनकार किया 

👉बताओ किस साहबा ने रसूल को अपना बड़ा भाई कहा

👉 बताओ किस साहबा ने रसूल के ग़ैब दा होने का इनकार किया

👉बताओ की किस साहबा माज़ अल्लाह ये कहा कि रसूल मर के मिट्टी में मिल गए

👉बताओ कि किस सहाबा ने रसूल के रौजे पे जाने से मना किया

👉बताओ किस साहबा ने ये कहा कि रसूल तो अनपढ थे

👉 बाताओ किस सहाब का अक़ीदा था अल्लाह झूठ बोल सकता हूं

👉माज़ अल्लाह 

अल्लाह झूट बोल सकता है

👉 बताओ किस सहाबा का अक़ीदा था या रसुल अल्लाह कहना शिर्क है 

🔸ये_सभी_गुस्ताखियां किसी सहाबा ने नही की बल्कि तुम्हारे जाहिल मुल्लो ने की है अगर तुम्हारे जाहिल मुल्ले ये गुस्ताखियां ना करते तो आज ये नौबत नहीं आती

♦️फितना पैदा करो तुम और बदनाम करते हो सुन्नियो को वाह रे तुम्हारा दोगलापन

यही वो तुम्हारा गलत अक़ीदा है जो उम्मत के बीच फसाद पैदा किया है

जब कि ये सब गन्दे अक़ीदे वहाबी,देवबंदी के घर मे पाई जाती है 

अगर तुम्हारे जैसा गन्दा अक़ीदा सहाबा रखते थे तो बताओ

🔸वहाबियों के पैदा होने की पेशेनगोई प्यारे आक़ा सल्लल्लाहो अलैह वसल्लम ने अपने सहाबा से, कयामत तक पैदा होने वाले फित्ने के बारे मे पहले ही बता दिया था जिसमे से एक फित्ना वहाबियत का भी था और मुसलमानो को आगाह कर दिया था कि अरब के नज्द से फितने पैदा होगें (सबूत)

♦️हदीस👇👇

एक दिन दरिया ए रहमत सल्लल्लाहो अलैह वसल्लम ने अल्लाह से दुआ फ़रमाई ऐ अल्लाह हमारे शाम और यमन मे बरकत नाजिल फरमा तभी पीछे बैठे कुछ लोगो ने कहा या रसूलल्लाह हमारे नज्द के लिये भी दुआ कर दीजिये 

फ़िर हुजूर ने शाम और यमन के लिये दुआ फरमाई पर नज्द का नाम नही लिया फ़िर लोगो ने याद दिलाया लेकिन आप ने दुआ नही फरमाई और आखिर मे कहा मै नज्द के लिये दुआ कैसे फरमाऊं वहां तो जलजले और फितने होंगे और वहां शैतानी गिरोह पैदा होगें

हवाला_बुखारी_शरीफ़ जिल्द 2, पेज न. 1051

▪️हदीस-

हजरत अब्दुल्ला बिन उमर रजियल्लाहो अन्हो से रिवायत है कि हुजूर सल्लल्लाहो अलैह वसल्लम ने मशरिक की तरफ (नज्द इसी तरफ़ है) रुख करके फ़रमाया कि फितना यहां से उठेगा और शैतान की सींग निकलेगी

#हवाला___मुस्लिम_शरीफ़ 

 जिल्द 2 , पेज न.393

#हदीस-

एक गिरोह निकलेगा जिनकी नमाजो और रोजों को देखकर तुम अपनी नमाजों और रोजों को हक़ीर (घटिया) समझोगे वह कुरान पढेगे लेकिन कुरान उनके हलक से नीचे नही उतरेगा! इन सारी जाहिरी खूबियों के बावजूद वह दीन से ऐसे निकल जायेंगे जैसे तीर शिकार से निकल जाता है

#हवाला____मिश्कात_शरीफ़ 

पेज न. 535

क्या आज नमाज़ रोजा क़ुरआन के नाम पर वहाबी छेड़ छाड़ नही करता है (  इन्ही के लिए नबी सल्लल्लाहु अलैहे वस्सलम ने सैतान का सिंघ कहा है 

और हदीसो में फरमाया की उनकी पहचान सर मुंडाना है और ये निकलते ही रहेंगे यहां तक कि उनकी आखिरी जमात दज्जाल के साथ होगी और ये बुतपरस्तो को छोडेगे और मुसलमानों को कत्ल करेंगे

#हवाला____बुखारी_शरीफ़ 

जिल्द 1, किताबुल अंबिया

इस हदीस को देखते हुवे क्या आज अरब मुमालिक यहूद नसारा से नही मिल रहे हैं 

फिलिस्तीन मुस्लिम के बजाए दज्जाल के औलादों की गोद मे बैठ रहे है 

👉 #नोट: 

अब्दुल वहाब का चेला सऊद जो के नज्द का रहने वाला था उसी ने मक्का मदीना शरफैन पर हमला किया तुर्कीयो कि हुकूमत खिलाफते उस्मानीया को खत्म किया अंग्रेजो कि मदद से ये वही तुर्की हुकूमत थी जिनको देखकर यहुद भागा करते थे ☝️☝️

#आज_भी_ज्यादातर वहाबी कसरत से सर मुंडाए हुए रहते हैं 

इन्होंने मक्का और मदीना शरीफ़ पर हमला करके लाखों बेगुनाह मुसलमानो का कत्ल किया ऊपर बताए गए फरमाने आली के मुताबिक 18वीं शताब्दी की शुरूआतमे यह फितना वजूद मे आ गया |

#ऐ_मुसलमानो तहकिक करो, ईल्म सिखाने के नाम पर आप को गुस्ताक बनाया जा रहा और दुसमनो कि  गोद मे बैठा जा रहा है 

क्योकि यहूद नसारा जानते है हम अकेले अगर इस्लाम पर हमला करेंगे कभी जीत नही पाएंगे इसी लिए ये जमात ए अहले हदीस यहूद नसारा के लिए काम करती है 

ये जो कुछ अहले सुन्नत पर एतेराज़ करते है वो यहूद नसारा के उंगलियों की इसारा है 

♦️तारीख उठा कर देखो लो 1790में जब अब्दुल वहाबी najdi ने किताबुल तौहीद लिखा था उस के पहले अरब सहित पूरी दुनिया  में और 1850 के पहले एक भी बद अक़ीदा वहाबी,देवबंदी,najdi,

कादयानी, जमाते इस्लामी,तबलीगी, 

शमा नेयाजी,अहले कुरानी,अहले हदीस

 पाकिस्तान,हिन्दुस्तान,बंगलादेश, नेपाल में मौजूद नहीं था।

🔹अपने ईमान की हिफाजत करें और गुमराह होने से बचें

Comments

Popular posts from this blog

سورہِ صافّات کی آخری 3 آیات جس میں تمام رسولوں پر سلام ہے اس کی فضیلت پر حضور ﷺ نے فرمایا جس نے ہر نماز کے بعد 3 بار پڑھ لئے اجر کا پیمانہ بھر لیا نماز کے بعد رسولوں پر سلام پڑھنا بدعت نہیں ہوتی :-

Hazrat Musa Ka Hajj Karna Aur Huzoor ﷺ Ka dekhna nabi ki intaqal ke baad ki zindagi

حضور ﷺ تو ہزاروں سال پہلے مرنے والے کو بھی دیکھتے ہیں ورنہ آیات میں دیکھنے کے بجائے جاننے کے الفاظ ہوتے